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    25-01-2023 : राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस की बधाई दी।

    प्रकाशित तिथि: जनवरी 25, 2023

    * राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस की बधाई दी।
    * गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) गुरुवार 26 जनवरी को प्रातः 9ः30 बजे राजभवन प्रांगण में तथा 10ः30 बजे परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण करेंगे।

    राजभवन देहरादून, 25 जनवरी, 2023

    राज्यपाल के संदेश के मुख्य बिन्दु

    * भारत वर्ष की विकास यात्रा में उत्तराखण्ड का भी बड़ा योगदान है।
    * उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी के क्षेत्र में हमारे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
    * भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकार प्रभावी कार्यवाही कर रही है तथा एक बहुत सख्त नकल विरोधी कानून लाने जा रही है।
    * महिलाओं को शिक्षा एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
    * सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज रिजर्वेशन देने के लिये कानून बनाया गया है।
    * ट्रिपल R-यानी रोड, रेलवे और रोप-वे के माध्यम से राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार किया जा रहा है।
    * पर्यटकों के लिए सरकार विभिन्न स्थानों पर अत्याधुनिक शौचालय तथा पार्किंग की सुविधाएं देने जा रही है।
    * BSNL के बारह सौ दो मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिली है।
    * जोशीमठ आपदा प्रभावितों की सुरक्षा और उनका समुचित विस्थापन सरकार की प्राथमिकता है।
    * देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है।
    * सात शहरों में सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और पार्क निर्माण के लिये अमृत योजना चलाई जा रही है।
    * प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 55 हजार गरीबों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है।
    * श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ में रि-डेवलपमेंट और रि-कंस्ट्रक्शन के काम हो रहे है।
    * कुमाऊँ के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन प्रारम्भ किया गया है।
    * जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए राज्य में कठोर धर्मांतरण कानून लाया गया है।
    * उत्तराखण्ड नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
    * उत्तराखण्ड में भी G-20 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
    * हमारे पास पूरे विश्व को उत्तराखंड की क्षमता यहां की कला संस्कृति यहां निवेश के अवसर और अन्य खूबियों को दिखाने का अवसर होगा।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या में जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रणेता बाबा साहेब आंबेडकर सहित सभी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को याद करते हुए अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर उन्होंने देश की सुरक्षा में तैनात सैन्य बलों, सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को सैल्यूट करते हुए देश की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को नमन किया है।

    राज्यपाल ने कहा कि दो वर्षों में 2025 में हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष भी पूर्ण करेंगे। भारत वर्ष की विकास यात्रा में उत्तराखण्ड का भी बड़ा योगदान है और हमें एक बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक है। उत्तराखण्ड में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की सारी संभावनाएं है। पिछले वर्षों में हमने विकास के कई मानकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी के क्षेत्र में हमारे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

    राज्यपाल ने कहा कि बॉर्डर एरिया और कठिन पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोक कर रिवर्स पलायन की प्रक्रिया को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। पलायन की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएँ पर्याप्त रूप से प्रदान करने की आवश्यकता है इसके साथ ही इन क्षेत्रों में युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार सृजन की और अधिक आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के बिजली से वंचित गावों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। हर घर जल योजना के अंतर्गत घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है, आयुष्मान भारत योजना से लोगों को निशुल्क इलाज मिल रहा है। बहुत सी अलग-अलग योजनाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतु प्रयास भी किये जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकार प्रभावी कार्यवाही कर रही है तथा एक बहुत सख्त नकल विरोधी कानून लाने जा रही है। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती रहेगी।

    राज्यपाल ने कहा कि महिलाएँ इस प्रदेश के विकास की केन्द्र बिन्दु हैं। महिलाओं को शिक्षा एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रमुख भूमिका है। यहाँ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अच्छा कार्य कर रही हैं।

    इन समूहों को, आवश्यक ट्रेनिंग और सहायता प्रदान कर इन्हें और अधिक सशक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। आकर्षक पैकेजिंग और प्रोफेशनल मार्केटिंग में ट्रैनिंग पाकर यहाँ के स्थानीय उत्पाद अच्छे-अच्छे ब्रांड को टक्कर दे सकते हैं। राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला समूहों को बिना किसी ब्याज के 5 लाख रुपये तक ऋण देने की योजना लागू की गई है। महिलाओं को प्रेरित करने के लिए लखपति दीदी योजना प्रारंभ की गई है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज रिजर्वेशन देने के लिये कानून बनाया गया है।

    राज्यपाल ने कहा कि कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। कनेक्टिविटी के द्वारा पर्यटन और निवेश को बढ़ावा दिया जा सकता है। ट्रिपल R-यानी रोड, रेलवे और रोप-वे के माध्यम से राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए सरकार विभिन्न स्थानों पर अत्याधुनिक शौचालय तथा पार्किंग की सुविधाएं देने जा रही है।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय जनपदों में विभिन्न नागरिक सेवाओं की पहुंच बनाने के लिये अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी भी आवश्यक है। इसके माध्यम से लोगों को बहुत सी सेवाएं और सुविधाएं ऑनलाइन अपने गाँव में मिल सकती हैं। बच्चों की स्मार्ट क्लास हो, टेलीमेडिसिन के माध्यम से डॉक्टर का परामर्श हो, सब कुछ आने वाले समय में आसान होने जा रहा है। इसके लिये प्रदेश के दूर-दराज और सीमांत क्षेत्र के लिये BSNL के बारह सौ दो मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिली है। सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइवर से जोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के दुर्गम पर्वतीय भाग प्राकृतिक आपदा से भी प्रभावित रहते हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। जोशीमठ में लैंडस्लाइड की प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकार ने सभी संभव कदम उठाए हैं। प्रभावितों की सुरक्षा और उनका समुचित विस्थापन सरकार की प्राथमिकता है। राज्यपाल ने जोशीमठ के साथ-साथ समस्त प्रदेशवासियों को भी आश्वस्त किया है कि जोशीमठ में उत्पन्न स्थिति का जल्दी ही निराकरण किया जायेगा।

    राज्यपाल ने कहा है कि हमारे वीर सैनिक हमारी शान है। उत्तराखण्ड सैन्य भूमि है। यहां के लोगों का सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ गहरा लगाव है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। राज्य के वीरता पदक पाने वाले सैनिकों को दिये जाने वाले अनुदान में भारी वृद्धि की गई है। केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में विकास के कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। सात शहरों में सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और पार्क निर्माण के लिये अमृत योजना चलाई जा रही है।

    उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 55 हजार गरीबों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखण्ड में अनेक केन्द्रीय संस्थानों का आगमन हुआ है। ऊधम सिंह नगर में एम्स का सैटेलाइट सेंटर, ड्रोन एप्लिकेशन सेंटर, प्लास्टिक इंजीनियरिंग इंस्टीटयूट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर जैसी संस्थाएं उत्तराखण्ड में आयी हैं। इनका लाभ यहां की जनता को विशेष रूप से यहां के युवाओं और महिलाओं को अवश्य मिलेगा।

    उन्होंने कहा है कि जैविक कृषि और बागवानी उत्तराखण्ड के विकास की धुरी हैं। उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्रों के जैविक उत्पादों यहां के शहद यहां के घी यहां की बेमौसमी सब्जियों की बाहर बहुत डिमाण्ड है। इनके उत्पादन को और अधिक व्यवस्थित और प्रशिक्षित तरीके से बढ़ावा देकर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है। राज्य की बेरीनाग चाय और मुनस्यारी राजमा को जी.आई. टैगिंग की पहचान मिली है।

    उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ में रि-डेवलपमेंट और रि-कंस्ट्रक्शन के काम हो रहे है। कुमाऊँ के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन प्रारम्भ किया गया है। धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर बेहतर यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पर्वतमाला रोप-वे मिशन प्रारम्भ किया गया है। स्वयं प्रधानमंत्री जी ने श्री केदारनाथ और हेमकुण्ड साहिब के लिये रोपवे की आधारशिला रखी है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये होम-स्टे योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

    राज्यपाल ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 और सीएम हेल्पलाइन 1905 प्रभावी कार्य कर रहे हैं। लगभग 500 सेवाओं को सेवा का अधिकार कानून के अन्तर्गत लाया गया है। जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए राज्य में कठोर धर्मांतरण कानून लाया गया है। प्रदेश में बाल वाटिकाओं की स्थापना के साथ उत्तराखण्ड नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। उच्च शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम क्वालिटी रिसर्च और पेटेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीकि पर आधारित कोर्सेज पर फोकस किया जा रहा है।

    राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष G-20 देशों की अध्यक्षता भारत को प्राप्त होना हम सभी देशवासियों के लिये गर्व का क्षण है। उत्तराखण्ड में भी G-20 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। हमारे पास पूरे विश्व को उत्तराखंड की क्षमता यहां की कला संस्कृति यहां निवेश के अवसर और अन्य खूबियों को दिखाने का अवसर होगा। आज के भारत में विश्व अपना भविष्य देख रहा है। हम पुनः एक बार विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। हमारी संस्कृति, योग-ध्यान-आयुर्वेद, हमारा प्राचीन ज्ञान पुनः स्थापित हो रहा है। उत्तराखण्ड भी भारत वर्ष की इस नई पहचान का मुख्य प्रतिभागी राज्य है। राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों से राज्य एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया है।