02-06-2026:SOS Children’s Village भीमताल के बच्चों को संबोधित करने हेतु मा. राज्यपाल महोदय का भाषण
उपस्थित प्यारे बच्चों, संस्था से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं!
सबसे पहले मैं आप सभी का लोक भवन में हार्दिक स्वागत करता हूँ। आप सभी प्यारे बच्चों को मेरा स्नेह, आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएँ।
आज आप सबके बीच उपस्थित होकर मेरा हृदय अत्यंत भाव-विभोर है। जब मैं आप सभी के मुस्कुराते और उत्साह से भरे चेहरे देखता हूँ, तो मुझे भारत के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई देती है। आप सभी हमारे राष्ट्र की वह अमूल्य शक्ति हैं, जो अपने सपनों, परिश्रम और आत्मविश्वास से आने वाले भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
आज मैं विशेष रूप से SOS Children’s Villages of India के समर्पण, सेवा और बच्चों के प्रति प्रेमपूर्ण दृष्टिकोण की सराहना करता हूँ। यह संस्था केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और अपनत्व से भरा एक परिवार है। यहाँ बच्चों को केवल सुरक्षा और देखभाल ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास और आत्मनिर्भर जीवन जीने की प्रेरणा भी दी जाती है।
यहाँ का “फैमिली लाइक केयर” मॉडल वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायक है, जहाँ मातृत्व का स्नेह, भाई-बहनों का साथ और घर जैसा वातावरण बच्चों को आत्मविश्वास और भावनात्मक संबल प्रदान करता है। यह संदेश देता है कि जीवन में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, प्रेम और मार्गदर्शन से नई शुरुआत संभव है।
इसी प्रकार “किनशिप केयर” और “फॉस्टर केयर” जैसी व्यवस्थाएँ परिवार, अपनत्व और सामाजिक संरक्षण की भावना को मजबूत करती हैं। यह प्रयास समाज को यह सिखाते हैं कि संवेदनशीलता और सहयोग से किसी भी बच्चे के जीवन में नई आशा का संचार किया जा सकता है।
प्यारे बच्चों,
मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता है कि यहाँ शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास (Youth Skilling) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा आपको ज्ञान देती है, जबकि कौशल आपको आत्मनिर्भर बनाता है। मुझे विश्वास है कि आप सभी अपने ज्ञान, प्रतिभा और मेहनत के बल पर जीवन में सफलता प्राप्त करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मैं आपसे एक बात विशेष रूप से कहना चाहता हूँ – अपने अतीत को कभी अपनी कमजोरी मत बनने दीजिए। आपका भविष्य उज्ज्वल है और आपमें असीम संभावनाएँ हैं। अपने आपको कभी किसी से कम मत समझिए। आपमें वही क्षमता है जो किसी वैज्ञानिक, शिक्षक, खिलाड़ी, कलाकार, सैनिक या राष्ट्रसेवक में होती है।
जीवन में कठिनाइयाँ अवश्य आएँगी, लेकिन याद रखिए – सबसे अधिक चमक वही हीरा बिखेरता है, जिसने सबसे अधिक दबाव सहा हो। इसलिए अपने सपनों को कभी छोटा मत होने दीजिए। बड़े सपने देखिए, उन्हें पूरा करने का साहस रखिए और निरंतर परिश्रम कीजिए।
आज का समय तकनीक और नवाचार का युग है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और आधुनिक कौशल भविष्य की दुनिया को दिशा दे रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि इन नई तकनीकों को सीखें, स्वयं को समय के साथ अपडेट रखें और तकनीक का सकारात्मक उपयोग करें, ताकि आप विकास की दौड़ में आगे बढ़ सकें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता है कि SOS Children’s Villages of India ने यह संदेश दिया है कि सच्चा परिवार केवल रक्त संबंधों से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और अपनत्व से बनता है। यह संस्था बच्चों को केवल जीवन नहीं देती, बल्कि उन्हें स्वाभिमान, उद्देश्य और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी देती है।
यह अत्यंत सराहनीय है कि SOS Children’s Villages of India भीमताल ने वर्ष 1984 से अब तक 300 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को सहयोग, संरक्षण और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। यह कार्य वास्तव में समाज और राष्ट्र के प्रति एक महान सेवा है।
मैं संस्था से जुड़े सभी समर्पित कार्यकर्ताओं, माताओं और नेतृत्व की विशेष सराहना करता हूँ। आप सभी ने हजारों बच्चों के जीवन में आशा, विश्वास और सम्मान का दीप जलाया है। यह कार्य केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण का कार्य है।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाएगा। हमें मिलकर ऐसे वातावरण का निर्माण करना है, जहाँ हर बच्चा सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरा जीवन जी सके।
प्रिय बच्चों,
अपने भीतर की विशिष्टता को पहचानिए। हमेशा बड़े सपने देखिए, आत्मविश्वास रखिए और ईमानदारी व परिश्रम का मार्ग कभी मत छोड़िए। सफलता अवश्य आपके कदम चूमेगी।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपमें से अनेक बच्चे भविष्य में समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाले प्रेरक व्यक्तित्व बनेंगे।
इन्हीं शुभकामनाओं के साथ मैं आप सभी के सुखद, सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
जय हिन्द!