24-05-2026:गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह के अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय का संबोधन
(तिथिः 24 मई, 2026)
जय हिन्द!
मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथिगण, गोल्फ एसोसिएशन के पदाधिकारीगण, देवभूमि के प्रशासनिक अधिकारीगण, देश के कोने-कोने से पधारे सभी ऊर्जावान खिलाड़ियों, मीडिया के प्रबुद्ध साथियों और उपस्थित खेल प्रेमियों!
सर्वप्रथम, मैं इस गौरवशाली ‘गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट’ के गरिमामय समापन समारोह में आप सभी का लोक भवन नैनीताल की इन खूबसूरत वादियों में हृदय से अभिनंदन करता हूँ।
‘गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट’ का यह समापन केवल एक खेल आयोजन का समापन नहीं, बल्कि अनुशासन, उत्कृष्टता, खेल भावना और राष्ट्रीय एकता के एक प्रेरणादायी उत्सव का गौरवपूर्ण पड़ाव है।
तीन दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में आप सभी की सहभागिता, अद्भुत उत्साह और उत्कृष्ट खेल भावना ने इस पूरे आयोजन को न केवल सफल बनाया है, बल्कि इसे एक बेहद यादगार और जीवंत उत्सव में बदल दिया है। आप सभी ने इन तीन दिनों में इस मैदान पर इसी अद्वितीय अनुशासन और एकाग्रता का परिचय दिया है। मैं इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ।
मित्रों,
गोल्फ केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का एक अद्भुत दर्शन है। यह एक ऐसा खेल है जो हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी खुद पर नियंत्रण कैसे रखा जाए। जब आप मैदान पर होते हैं, तो आपका मुकाबला किसी और से नहीं, बल्कि स्वयं के फोकस, धैर्य और एकाग्रता से होता है।
जीवन में भी जब मुश्किलें सामने हों, तो शांत रहकर, सही लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके ही सफलता का शॉट लगाया जा सकता है। गोल्फ हमें यह भी सिखाता है कि जीवन की हर दूरी केवल सामर्थ्य से नहीं, बल्कि सही दिशा, संतुलित दृष्टि और धैर्यपूर्ण प्रयासों से तय होती है।
जब देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी एक ही मैदान पर समान ऊर्जा, समान सम्मान और समान लक्ष्य के साथ खेलते हैं, तब वास्तव में भारत की ‘विविधता में एकता’ का भाव जीवंत हो उठता है। खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मता का सबसे सशक्त माध्यम है।
यह ‘गवर्नर्स कप’ भी देश की विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यहाँ भारत के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सुंदर और जीवंत तस्वीर पेश की है। खेल ही वह भाषा है जो सीमाओं और विविधताओं से परे, हम सबको एक परिवार के रूप में जोड़ती है।
इसके साथ ही, ऐसे आयोजनों से उत्तराखण्ड में खेल पर्यटन (स्पोर्ट्स टूरिज्म) को एक नई ऊर्जा मिलती है। यहाँ की सुरम्य वादियों और इस शानदार गोल्फ कोर्स की हरियाली के बीच खेलना अपने आप में प्रकृति के करीब आने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराने जैसा है।
देवभूमि उत्तराखण्ड की यह धरती केवल प्राकृतिक सौंदर्य की भूमि नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और समर्पण की भी भूमि है। यहाँ की वीर सैनिक परंपरा और खेल भावना, दोनों ही राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्तियाँ हैं।
मित्रों,
इस वर्ष का ‘गवर्नर्स कप’ वास्तव में पीढ़ियों को जोड़ने वाला उत्सव बन गया। एक ओर 81 वर्ष के अनुभवी खिलाड़ी का प्रेरणादायक उत्साह दिखाई दिया, तो दूसरी ओर मात्र 07 वर्ष के नन्हे गोल्फर का आत्मविश्वास और ऊर्जा।
यह दृश्य स्वयं सिद्ध करता है कि खेल केवल आयु का नहीं, बल्कि जुनून, अनुशासन और जीवटता का विषय है। उम्र का यह खूबसूरत संगम ही इस ‘गवर्नर्स कप’ की सबसे बड़ी सफलता और प्रेरणा है।
मुझे यह बताते हुए अत्यंत गर्व और हर्ष की अनुभूति हो रही है कि इस बार प्रतियोगिता में कुल 179 गोल्फ खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया। इस खेल का सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक पहलू आज हमें यहाँ देखने को मिला है।
इस प्रतियोगिता की सबसे प्रेरणादायक विशेषता यह रही कि इसमें हर आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
जहाँ एक ओर हमारे 04 सुपर वेटरन और 29 वेटरन कैटेगरी के अनुभवी खिलाड़ियों ने अपने खेल से मैदान की गरिमा बढ़ाई, वहीं 110 सामान्य आयु वर्ग के खिलाड़ियों और 09 महिला खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट कौशल से सभी को प्रभावित किया। सबसे सुखद और भविष्य को आश्वस्त करने वाली तस्वीर हमारे 27 जूनियर गोल्फर्स ने प्रस्तुत की है।
इस प्रतियोगिता में जिन गोल्फर्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजय प्राप्त की है, उन्हें मैं विशेष रूप से बधाई देता हूँ। आपकी ट्रॉफी आपकी कड़ी मेहनत और अटूट लगन का प्रतीक है।
और जो खिलाड़ी इस बार शीर्ष स्थान पर नहीं पहुँच पाए, उनसे मैं बस इतना ही कहना चाहूँगा- खेल के मैदान पर कोई प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। यहाँ व्यक्ति या तो जीतता है, या फिर ऐसा अनुभव अर्जित करता है जो भविष्य की विजय का आधार बनता है।
इस भव्य और सफल आयोजन के पीछे उन अनगिनत हाथों की मेहनत है जो पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं। मैं गोल्फ क्लब के प्रबंधकों, रेफरी, ग्राउंड स्टाफ, स्थानीय प्रशासन और सभी स्वयंसेवकों की हृदय से सराहना करता हूँ। आपकी दिन-रात की मेहनत से इस तीन दिवसीय ऐतिहासिक आयोजन का सुचारू संचालन संभव हुआ। आप सभी बधाई के पात्र हैं।
प्रिय खिलाड़ियों,
आज जब आप इस देवभूमि से विदा लेंगे, तो मुझे पूरा विश्वास है कि आप केवल अपनी किट और यादें लेकर नहीं जाएंगे, बल्कि यहाँ की वादियों की सकारात्मक ऊर्जा और इस खेल से सीखा हुआ अनुशासन भी अपने साथ लेकर जाएंगे। आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी जिंदगी में खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर और शांत मन ही राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान दे सकता है।
चलते-चलते बस यही कहना चाहूँगा कि – जीवन के इस विशाल गोल्फ कोर्स में कभी बाधाएँ आएँगी, कभी रास्ते कठिन होंगे, तो कभी लक्ष्य दूर प्रतीत होगा। लेकिन यदि आत्मविश्वास अडिग हो, धैर्य स्थिर हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता का अंतिम ‘ळवंस’ अवश्य प्राप्त होता है।
आगे बढ़ते रहिए, सीखते रहिए, और अपने जीवन को अनुशासन, उत्कृष्टता तथा राष्ट्रसेवा की भावना से आलोकित करते रहिए। खेल मैदान में अर्जित अनुशासन ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता की नींव बनता है।
आप सभी के सुनहरे भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और आगामी सभी प्रतियोगिताओं के लिए मेरी अनंत मंगलकामनाएँ!
मुझे विश्वास है कि आप सभी खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के इसी भाव के साथ जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे।
जय हिन्द! जय उत्तराखण्ड!