17-01-2026 : राज्यपाल ने देहरादून में दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम जागरण फोरम में ‘‘उत्तराखण्डः रणबांकुरों की भूमि’’ विषय पर अपने विचार रखे।
लोक भवन सूचना परिसर, उत्तराखण्ड
प्रेस विज्ञप्ति
लोक भवन देहरादून, 17 जनवरी, 2026
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को देहरादून में दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम जागरण फोरम में ‘‘उत्तराखण्डः रणबांकुरों की भूमि’’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। इस प्रदेश की भूमि ने सदैव राष्ट्र को साहसी, अनुशासित एवं समर्पित सैनिक प्रदान किए हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा एवं अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड का सैन्य इतिहास गौरवशाली रहा है। प्रथम विश्व युद्ध से लेकर वर्तमान तक प्रदेश के वीर सपूतों ने अद्वितीय शौर्य एवं पराक्रम का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत का प्रथम परमवीर चक्र उत्तराखण्ड के मेजर सोमनाथ शर्मा को प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इसके अतिरिक्त अनेक सैनिकों को महावीर चक्र एवं अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स एवं कुमाऊं रेजिमेंट जैसी सैन्य इकाइयाँ अनुशासन, वीरता एवं राष्ट्रभक्ति की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक हैं। इन रेजिमेंट्स ने सदैव देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन सैन्य धाम उत्तराखण्ड की सैन्य परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भावी पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर एवं विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तराखण्ड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की सक्रिय सहभागिता से सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने उत्तराखण्ड की महिला शक्ति एवं स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि हनी, एरोमा, मिलेट्स, होमस्टे तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इन क्षेत्रों में रोजगार एवं आयवृद्धि की अपार संभावनाएँ हैं। राज्यपाल ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति एवं भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक मूल्यों को गंभीर क्षति पहुँचाता है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह समाज में ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ और एकता की भावना को सुदृढ़ करने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाए।
राज्यपाल ने कहा कि सैनिक एवं पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं कर्तव्यनिष्ठा के कारण राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जाकर युवाओं के चरित्र निर्माण एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के वैचारिक मंच समाज को सही दिशा देने में सहायक होते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस विचार-मंथन से प्राप्त निष्कर्ष उत्तराखण्ड के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में दैनिक जागरण समूह के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, संपादकीय प्रतिनिधिगण, समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक एवं अन्य विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।
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