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    06-01-2022:नागरिकों में फाइनेंशियल लिटरेसी आवश्यक- राज्यपाल

    प्रकाशित तिथि: जनवरी 6, 2022

    राजभवन देहरादून 06 जनवरी, 2022

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से गुरुवार को राजभवन में उत्तराखंड में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों ने मुलाकात की।
    राज्यपाल ने आईआरएस अधिकारियों से उत्तराखंड में राजस्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं तथा चुनौतियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि लोगों को टैक्स भुगतान को नागरिक जिम्मेदारी मानना चाहिए। जनमानस मे टैक्स भुगतान के प्रति सिविक सेंस विकसित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि हर नागरिक को वित्तीय रूप से साक्षर किया जाना चाहिए। देश के विकास के लिए नागरिकों में फाइनेंशियल लिटरेसी बहुत जरूरी है। अर्थव्यवस्था को राष्ट्र भावना के साथ संचालित किया जाना चाहिए। आमजन में अर्थव्यवस्था की समझ पैदा होनी चाहिए। स्वदेशी, स्थानीय एवं ग्रामीण उत्पादों व शिल्पो को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों में माइक्रो फाइनेंसिंग के प्रति जागरूकता लाई जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि लोगों में मास इकोनामी, पैट्रियोटिक इकोनामी तथा पॉलीटिकल इकोनामी की समझ विकसित होनी चाहिए।
    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अधिकारियों से कहा कि उत्तराखंड में उन्हें यहां के पर्वतीय महिलाओं के आत्मविश्वास और जीवटता ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। उत्तराखंड की महिलाओं की विश्वसनीयता और काबिलियत उच्च श्रेणी की है। उन्हें स्वरोजगार हेतु अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। उन पर पूर्ण विश्वास किया जा सकता है। उनके ऋण पुर्नभुगतान की क्षमता 200ः से अधिक तक है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में महिलाओं, बालिकाओं तथा युवाओं को माइक्रो फाइनेंसिंग में साक्षर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना होगा। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही उनका वास्तविक सशक्तिकरण है। उत्तराखंड में क्रांति सिर्फ महिलाओं के द्वारा ही संभव है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आईआरएस अधिकारियों से कहा कि शीघ्र ही राजभवन में “माइक्रो फाइनेंसिंग के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तिकरण“ विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार में स्वयं सहायता समूहो से जुड़ी महिलाएं, स्वरोजगार की इच्छुक महिलाएं, विभिन्न ऋण प्रदाता संस्थाएं, बैंक, मास्टर ट्रेनर तथा संबंधित विभाग प्रतिभाग करेंगे। राज्यपाल ने इस सेमिनार को सफल बनाने में आईआरएस अधिकारियों के सहयोग की अपेक्षा की। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के उत्थान तथा रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो फाइनेंसिंग योजनाएं, स्वयं सहायता समूह तथा डायरेक्ट टू बैंक वरदान है।
    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आईआरएस अधिकारियों से नव वर्ष पर नई उर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ राज्य के विकास और प्रगति में सहयोग का आह्वान किया।
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